मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को शाजापुर जिले की पोलायकलां तहसील के ग्राम खड़ी में खराब हुई सोयाबीन की फसलों का जायजा लिया और किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जहां-जहां सोयाबीन की फसल बारिश की कमी या कीट प्रकोप से प्रभावित हुई है, उसका विस्तृत सर्वे कर तुरंत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को अधिकतम लाभ दिलाया जाएगा।
किसान चौपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन किसानों को पूर्व वर्षों की बीमा राशि अभी तक नहीं मिली है, उनके प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में शाजापुर जिले के किसानों को नर्मदा-पार्वती-चंबल-कालीसिंध लिंक परियोजना से सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गरीब किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा।
डॉ. यादव ने कामधेनु योजना की जानकारी देते हुए कहा कि देशी गाय पालन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों से गाय का दूध क्रय किया जाएगा। 25 गायों के पालन पर 40 लाख की लागत में से 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। गौशालाओं के रखरखाव के लिए 40 रुपये प्रतिगाय की दर से अनुदान तथा 5 हजार से अधिक पशु रखने वाली गौशालाओं के लिए भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने “एक बगिया माँ के नाम” योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि एक एकड़ में फलोद्यान लगाने पर किसानों को पहले वर्ष 2 लाख और अगले दो वर्षों तक 55-55 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश सरकार कपास उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। इसी उद्देश्य से धार जिले के बदनावर में “पीएम मित्रा” औद्योगिक पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितम्बर को करेंगे। यह परियोजना मालवा-निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में परिवर्तन का माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम खड़ी निवासी किसान परवत सिंह बगाना के घर पहुँचकर उनसे सोयाबीन फसल में हुए नुकसान की जानकारी भी ली और आश्वासन दिया कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मुआवजा और संरक्षण दिया जाएगा।



