मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला में वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का मामला सामने आया है। डिंडौरी जिले के समनापुर-डिंडौरी मुख्य मार्ग पर दो युवकों को बंदर को मारने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। डिंडौरी मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा, अभियोजन अधिकारी ने जानकारी दी कि आरोपी महासिंह गोंड (उम्र 20 वर्ष) एवं प्रताप सिंह धुर्वे, ग्राम पिपरिया पोस्ट बम्हनी, तहसील घुघरी, जिला मंडला निवासी हैं।
घटना दिनांक 22 जुलाई 2025 की है, जब सुबह करीब 11:00 बजे दोनों आरोपी बंदर को नमकीन और बिस्किट खिलाकर बेहोश कर रहे थे। राहगीरों ने इस पर आपत्ति जताई और पानी पिलाकर बंदर को होश में लाया, जो तुरंत जंगल की ओर भाग गया। मुखबिर की सूचना पर वन अमला मौके पर पहुंचा, जहां पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बंदर का कलेजा दवा के रूप में इस्तेमाल करने की नीयत से उसे मारने आए थे, लेकिन मौके पर लोगों की मौजूदगी और वन विभाग के समय पर पहुंचने के कारण वे ऐसा नहीं कर सके।
वन टीम ने जब तलाशी ली तो आरोपियों के पास एक थैला, दो तांत वाली बोरियाँ और एक धारदार बका बरामद हुआ। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की ओर से पेश की गई जमानत याचिका को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डिंडौरी की अदालत ने सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी लक्ष्मीनारायण साहू के विरोध के आधार पर खारिज कर दिया।
