शासकीय शिक्षक संगठन ने उठाई ऐजूकेशन पोर्टल 3.0 पर सवाल, आदेश वापस लेने की मांग…
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में ऐजूकेशन पोर्टल 3.0 पर शिक्षक संगठन ने सवाल उठाई है शासकीय शिक्षक संगठन जिला डिंडौरी के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने ऐजूकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के शासन के आदेश को अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन, समग्र शिक्षा एवं लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके लिए प्रदेश के 330 विकासखंडों से मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा चुके हैं। डिंडौरी जिले के मास्टर ट्रेनर्स 25 जुलाई को भोपाल में प्रशिक्षण लेंगे, और फिर अपने विकासखंडों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
पोस्टिंग, नाम व स्टाफ डिटेल नहीं अपडेट
राम कुमार गर्ग ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि डिंडौरी जिले में ऐजूकेशन पोर्टल अपडेट नहीं है। न तो शिक्षकों के नाम शो हो रहे हैं और न ही स्कूल स्टाफ की जानकारी अपडेट है। ऐसे में उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं होगा।
नेटवर्क और बिजली की समस्या बड़ी चुनौती
आदिवासी अंचलों में नेटवर्क और बिजली की समस्या आम है। ऐसे में ऐजूकेशन पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज कराना शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। यदि उपस्थिति दर्ज नहीं हुई तो वेतन आहरण में परेशानी आना तय है।
शिक्षकों को संदेह की नजर से देखना दुर्भाग्यपूर्ण
शिक्षक संगठन ने सरकार के इस आदेश का खुला विरोध करते हुए कहा है कि शिक्षकों पर अविश्वास जताना उनकी नियत को दर्शाता है। शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा परिणाम सुधार, बीएलओ कार्य सहित शासन की तमाम योजनाओं में शिक्षक ही सबसे आगे रहते हैं।
सभी विभागों पर हो एक समान नियम
संगठन ने मांग की है कि यदि सरकार ऑनलाइन उपस्थिति को अनिवार्य करना चाहती है, तो सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर समान नियम लागू हो। केवल शिक्षकों पर यह भार डालना और हर बार नए आदेश थोपना अनुचित और अपमानजनक है। शासकीय शिक्षक संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक आदेश वापस नहीं लिया जाता, वे इसका विरोध करते रहेंगे। शिक्षक सम्मान के साथ काम करना चाहते हैं, न कि तकनीकी बाधाओं और अपमान के बीच।
