— 27 से 31 अक्टूबर तक मोहत्तरा और घुसिया माल में होगा आयोजन, उन्नत देशी नस्ल की गायों के दूध उत्पादन के आधार पर चुने जाएंगे विजेता
डिंडौरी। जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और उन्नत भारतीय नस्ल की गायों के पालन को प्रोत्साहित करने के लिए गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के तहत दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्यप्रदेश द्वारा मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के अंतर्गत आयोजित यह प्रतियोगिता 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक जिले के दो वृद्धावन ग्रामों मोहत्तरा और घुसिया माल में होगी। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाली गायों के पशुपालकों को एक लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादक गायों की पहचान तथा पशुपालकों को बेहतर पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिता का आयोजन विधानसभा क्षेत्र डिंडौरी के करंजिया विकासखंड अंतर्गत वृद्धावन ग्राम मोहत्तरा तथा विधानसभा क्षेत्र शहपुरा के अंतर्गत बताए गए वृद्धावन ग्राम घुसिया माल में किया जाएगा।
प्रथम पुरस्कार एक लाख, द्वितीय को 50 हजार रुपये
प्रतियोगिता में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाली गायों के पशुपालकों को निर्धारित मापदंडों के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालक को एक लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर आने वाले को 50 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
योजना के माध्यम से गिर, साहीवाल, थारपारकर सहित अन्य अधिसूचित उन्नत स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर वृद्धावन ग्रामों को दुग्ध उत्पादन और देशी पशुधन संवर्धन के आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिदिन 6 लीटर या अधिक दूध देने वाली गायें होंगी पात्र
प्रतियोगिता में संबंधित वृद्धावन ग्रामों के इच्छुक एवं पात्र पशुपालक भाग ले सकेंगे। इसके लिए पशुपालक के पास भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गाय होना आवश्यक है, जिसका प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन कम से कम 6 लीटर हो। पात्र पशुपालकों की गायों का पंजीयन कर प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा।
प्रतियोगिता के दौरान गाय के तीन समय के दुग्ध उत्पादन के औसत के आधार पर निर्धारित अवधि में दूध उत्पादन का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में सर्वाधिक औसत दुग्ध उत्पादन दर्ज कराने वाली गायों के पशुपालकों को विजेता घोषित कर नियमानुसार पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर
गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के माध्यम से पशुपालकों को उन्नत देशी नस्ल की गायों के पालन, बेहतर पशु प्रबंधन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को लाभकारी गतिविधि बनाने, पशुपालकों की आय में वृद्धि करने और जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रतियोगिता के जरिए जिले में देशी पशुधन के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

