— सहायिका 15 दिनों से केंद्र से नदारद, कलेक्टर ने कार्यकर्ता और सहायिका पर कार्रवाई के दिए निर्देश | पंचायत भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
डिंडौरी। जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आंगनवाड़ी केंद्र नरिया सेंटर, नूनखान और पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की शत-प्रतिशत अनुपस्थिति सामने आई। वहीं, सहायिका के पिछले 15 दिनों से केंद्र नहीं आने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कार्यकर्ता एवं सहायिका के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
जानकारी के अनुसार, आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र नरिया सेंटर, नूनखान में कुल 41 बच्चे दर्ज हैं। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान इनमें से एक भी बच्चा केंद्र में उपस्थित नहीं मिला। केंद्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं, जबकि सहायिका की अनुपस्थिति को लेकर बताया गया कि वह पिछले 15 दिनों से केंद्र नहीं आ रही थीं। बच्चों की इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति और केंद्र के संचालन में सामने आई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पंचायत भवन निर्माण की गुणवत्ता की होगी जांच
कलेक्टर ने पंचायत भवन में चल रहे निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर के औचक निरीक्षण से स्पष्ट संदेश है कि आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही और शासकीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
