डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन, नलजल योजनाओं की प्रगति, हर घर जल रिपोर्टेड, सर्टिफाइड एवं हस्तांतरित ग्रामों की स्थिति सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में एकल ग्राम योजना, समूह ग्राम योजना एवं ओवरलैप सहित कुल 904 ग्रामों में नलजल योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें एकल ग्राम योजना के करीब 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि हर घर जल रिपोर्टेड ग्रामों में 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।
कलेक्टर ने बारिश का दौर समाप्त होने के बाद निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नलजल योजना का उद्देश्य केवल घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार को नियमित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी योजना के हैंडओवर से पहले उसकी टेस्टिंग गंभीरता से की जाए। जब तक सभी नल कनेक्शनों में नियमित रूप से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित न हो जाए, तब तक योजना का हैंडओवर नहीं किया जाए। जलस्रोत, पाइपलाइन, पंप, मोटर सहित पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन की जांच के बाद ही योजना हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को कागजों में कार्य पूर्ण दिखाने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करने को कहा। ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी निगरानी करने के निर्देश दिए गए। तकनीकी या अन्य कारणों से लंबित कार्यों का तत्काल निराकरण करने तथा संबंधित अधिकारी और ठेकेदारों को आपसी समन्वय से समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य नहीं पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करने तथा बिना स्वीकृति या गुणवत्ताहीन कार्य पाए जाने पर भुगतान रोकने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्ण हो चुकी योजनाओं में भी जलापूर्ति की नियमित निगरानी करने और जहां सुधार या मरम्मत की जरूरत है, वहां तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
कलेक्टर ने नलजल योजनाओं की प्रगति की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करने और कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि नलजल योजनाएं ग्रामीण परिवारों के जीवन और स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

