Mp News : 45 डॉक्टरों का दावा, जांच में करीब 15 नाम! आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर सृष्टि हॉस्पिटल संचालक समेत अन्य पर केस…

Rathore Ramshay Mardan
5 Min Read

— कई डॉक्टरों के नाम बार-बार दर्ज करने का आरोप, पैथोलॉजिस्ट के कथित फर्जी हस्ताक्षर से रिपोर्ट जारी करने का भी मामला

भोपाल। आयुष्मान भारत योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने करोंद स्थित सृष्टि हॉस्पिटल के संचालक राजकुमार सूर्यवंशी एवं अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। EOW की जांच में अस्पताल द्वारा आयुष्मान योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर डॉक्टरों एवं स्टाफ की जानकारी में कथित गड़बड़ी करने तथा पैथोलॉजिस्ट के नाम और सील का इस्तेमाल कर जांच रिपोर्ट जारी किए जाने के तथ्य सामने आने का दावा किया गया है।

EOW के अनुसार सृष्टि हॉस्पिटल वर्ष 2023 में आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध हुआ था। योजना में सूचीबद्ध होने के लिए अस्पताल को अपने डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होती है। जांच में अस्पताल की ओर से पोर्टल पर डॉक्टरों एवं स्टाफ की कुल 45 एंट्री दर्ज किए जाने की बात सामने आई, जबकि इनमें अलग-अलग नाम करीब 15 ही पाए गए। कई डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों के नाम एक से अधिक बार, जबकि कुछ नाम चार-चार बार तक दर्ज किए जाने का दावा किया गया है।

जांच में सभी 45 एंट्री के सामने एक ही मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया, जिसे EOW ने अस्पताल संचालक का नंबर बताया है। जांच एजेंसी ने स्टाफ की सूची में इस तरह की प्रविष्टियों को संदिग्ध मानते हुए मामले की जांच की।

महिला पैथोलॉजिस्ट का नाम चार बार दर्ज

जांच के दौरान एक महिला पैथोलॉजिस्ट का नाम अस्पताल की सूची में चार बार दर्ज पाया गया। संबंधित डॉक्टर ने EOW को दिए बयान में बताया कि उन्होंने सृष्टि हॉस्पिटल में कभी काम नहीं किया। उनके अनुसार उन्होंने अस्पताल को अपने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए और न ही अपने नाम के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि नाम हटाने के लिए कहे जाने के बाद भी वह सूची में दर्ज रहा।

पैथोलॉजिस्ट के कथित फर्जी हस्ताक्षर से रिपोर्ट

EOW की जांच में अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग से जारी कुछ जांच रिपोर्ट भी सामने आईं। इन रिपोर्टों पर एक MD पैथोलॉजिस्ट का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और सील दर्ज थी। संबंधित डॉक्टर ने जांच के दौरान इन रिपोर्टों पर किए गए हस्ताक्षर को अपना नहीं बताया। उन्होंने हस्ताक्षरों को अपने वास्तविक हस्ताक्षर से अलग बताया।

जांच में जिला स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। EOW के अनुसार रिकॉर्ड में इस अस्पताल में पैथोलॉजी लैब संचालित करने की अनुमति दर्ज नहीं मिली।

आयुष्मान मरीजों की रिपोर्ट भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसी के मुताबिक विवादित हस्ताक्षर वाली कई रिपोर्ट ऐसे मरीजों से संबंधित हैं, जिनका उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत होना दर्ज है। अस्पताल संचालक ने अपने लिखित जवाब में इन मरीजों के आयुष्मान योजना के तहत भर्ती होने की बात स्वीकार की है। योजना के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025 में सृष्टि हॉस्पिटल में 709 हितग्राहियों के उपचार का रिकॉर्ड सामने आया है।

दस्तावेज नहीं कराए उपलब्ध

जांच के दौरान EOW ने अस्पताल प्रबंधन से सूची में दर्ज डॉक्टरों के नियुक्ति-पत्र, वेतन भुगतान, उपस्थिति संबंधी रिकॉर्ड, पैथोलॉजी संचालन की अनुमति और मरीजों की उपचार फाइलें उपलब्ध कराने को कहा। EOW के अनुसार बार-बार मांगने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध

EOW ने 5 अक्टूबर 2026 को सृष्टि हॉस्पिटल के संचालक राजकुमार सूर्यवंशी एवं अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 336(3), 340(2) एवं 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में विवेचना शुरू कर दी गई है। आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल को किए गए भुगतान की कुल राशि और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *