Dindori News: जमीन की रजिस्ट्री के बाद आखिर क्यों दर्ज हुई FIR? SP ऑफिस पहुंची महिला ने उठाए बड़े सवाल…

Rathore Ramshay Mardan
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जमीन विवाद में पति के खिलाफ दर्ज मामले को बताया झूठा, निष्पक्ष जांच की मांग

 

डिंडौरी। शहपुरा थाना क्षेत्र में जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े विवाद को लेकर दर्ज एफआईआर के विरोध में वार्ड क्रमांक-1 शहपुरा निवासी निशा सोनी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने अपने पति विजय कुमार सोनी के खिलाफ दर्ज प्रकरण को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में शहपुरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार उनके पति ने संबंधित भू-स्वामियों को राशि का भुगतान कर रजिस्ट्रार कार्यालय के माध्यम से विधिवत पंजीकृत विक्रय विलेख के जरिए जमीन खरीदी थी। महिला का दावा है कि खरीदी गई कुछ जमीनों को लेकर विक्रेताओं द्वारा सिविल न्यायालय में रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए प्रकरण दायर किए गए थे, जिन्हें न्यायालय ने खारिज कर दिया। शिकायत में जिला न्यायालय में की गई अपीलों के भी निरस्त होने का उल्लेख किया गया है।

रंजिश के चलते साजिश का आरोप

शिकायत में ग्राम शहपुरा के खसरा नंबर 697/7 और 795/8 से संबंधित जमीन सौदे का उल्लेख करते हुए महिला ने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत रंजिश के चलते उनके पति को आपराधिक मामले में फंसाने की साजिश की गई। शिकायतकर्ता ने भीमगिरी गोस्वामी पर भू-विक्रेताओं को प्रभावित कर उनके पति के खिलाफ षड्यंत्र करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला ने शिकायत में यह भी बताया कि उनके पति के साथ कथित गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के संबंध में 7 दिसंबर 2025 और 11 फरवरी 2026 को पुलिस एवं प्रशासन के समक्ष शिकायतें की गई थीं।

BNS की धाराओं में दर्ज है मामला

निशा सोनी के मुताबिक शहपुरा पुलिस ने उनके पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3) एवं 340(2) के तहत अपराध क्रमांक 0363/2026 दर्ज किया है। महिला का आरोप है कि एफआईआर दर्ज करने से पहले उनके पति का पक्ष उचित रूप से नहीं सुना गया। उनका कहना है कि जमीन से संबंधित मूल विवाद दीवानी प्रकृति का है, जिसे आपराधिक प्रकरण का रूप देकर उनके पति को परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्याय दृष्टांतों का भी हवाला देते हुए पुलिस अधीक्षक से मामले की कानूनी एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

दस्तावेजों की जांच और कार्रवाई की मांग

महिला ने पुलिस अधीक्षक से एफआईआर में लगाए गए आरोपों, जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेजों और पूर्व में हुए न्यायालयीन प्रकरणों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित षड्यंत्र में शामिल लोगों तथा संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कर दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है। मामले की जांच के बाद ही एफआईआर में लगाए गए आरोपों और शिकायतकर्ता के दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बाइट — निशा सोनी, शिकायतकर्ता

 

बाइट — साहिल सोनी, शिकायतकर्ता के पुत्र

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