डिंडौरी। शहपुरा थाना क्षेत्र में मवेशियों को कथित रूप से क्रूरता पूर्वक वाहन में भरकर परिवहन किए जाने के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर उन्हें जेल भेज दिया। मामले में अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया था।
मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे के अनुसार, थाना शहपुरा में अपराध क्रमांक 516/2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आरोपी रिजवान खान और राजा बाबू खान की ओर से जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, शहपुरा ने मामले की परिस्थितियों और पशुओं के कथित निर्दयतापूर्वक परिवहन को देखते हुए आरोपियों को जमानत का लाभ देना उचित नहीं माना और जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को सुबह करीब 7:54 बजे पुलिस ने एक आईसर वाहन क्रमांक MP20XB5439 को रोककर उसकी जांच की। वाहन में 20 नग भैंस/पड़िया और 6 नग पड़ा, कुल 26 मवेशी पाए गए। पुलिस के अनुसार, मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 2.60 लाख रुपये तथा वाहन की कीमत करीब 2.50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस ने मवेशियों को वाहन से उतरवाकर गौशाला ग्राम पंचायत कहेजरा में जमा कराया और पशु चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भी कार्रवाई की। मामले में आरोपी चालक मोहम्मद रफीक को गिरफ्तार किया गया, जबकि रिजवान खान और राजा बाबू खान की तलाश की गई।
पुलिस के अनुसार, मामले में पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ), मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धाराओं 4, 6, 10 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत कार्रवाई की गई है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से एडीपीओ प्रमोद पटेल, शहपुरा ने आरोपियों की जमानत का विरोध किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
