डिंडौरी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडौरी के तत्वावधान में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शशिकान्ता वैश्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शशिकान्ता वैश्य, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय एम.एल. राठौर, कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं अधिवक्ता संघ अध्यक्ष यू.के. पटेरिया द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस दौरान बताया गया कि लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक अनादरण, बैंक ऋण वसूली, बिजली एवं दूरभाष बिल बकाया, नगर पालिका कर तथा विभिन्न दीवानी एवं आपराधिक प्रकरणों का आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुग्धा कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित कुल 172 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल 16 लाख 19 हजार 362 रुपये का अवॉर्ड पारित हुआ। वहीं प्रीलिटिगेशन श्रेणी के 142 मामलों के निराकरण से 12 लाख 89 हजार 811 रुपये की राशि संबंधित विभागों को प्राप्त हुई।
नेशनल लोक अदालत में कई पारिवारिक विवाद भी आपसी समझाइश से सुलझाए गए। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री एम.एल. राठौर के विशेष प्रयास से तीन टूटे परिवार फिर से एकजुट हुए। एक मामले में लंबे समय से चल रहे पति-पत्नी विवाद को समझाइश के माध्यम से समाप्त कराया गया, जिसके बाद दोनों बच्चों के साथ पुनः साथ रहने को राजी हुए।
इसी तरह एक अन्य प्रकरण में 30 हजार रुपये के लेनदेन विवाद में समझौता कराया गया, जिसके बाद आरोपियों को जेल से रिहा किया गया। वहीं मारपीट के एक मामले में भी दोनों पक्षों के बीच राजीनामा कराकर विवाद समाप्त कराया गया।
कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश तारासिंह मण्डलोई, द्वितीय जिला न्यायाधीश शिवकुमार कौशल, तृतीय जिला न्यायाधीश रविंद्र गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गिरिराज कुमार सनोडिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट कमला उइके, अधिवक्ता संघ पदाधिकारी, पुलिस विभाग, बैंक, नगरपालिका एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
