मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने माननीय उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के अनुपालन में जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को शाला परिसर में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के पत्र के आधार पर जारी इस आदेश में सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम अनिवार्य किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी विद्यालयों में आने वाले 8 सप्ताह के भीतर पर्याप्त बाउंड्रीवाल या फेंसिंग का निर्माण कर परिसर को सुरक्षित करने के लिए कहा गया है। साथ ही, कुत्तों के काटने की घटनाओं से बचाव हेतु सरकारी चिकित्सालयों में एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोब्युलिन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय स्तर पर एक-एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो छात्रों व कर्मचारियों को कुत्तों के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार, रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल और बचाव उपायों के संबंध में जागरूक करेंगे। विकासखंड स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी और पीटीए के माध्यम से अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा।
विद्यालयों में बनाए गए नोडल अधिकारी परिसर के रखरखाव और स्वच्छता के प्रभारी होंगे, जिनका विवरण प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही, मध्यान्ह भोजन वितरण स्थल पर बचे हुए भोजन को सुरक्षित स्थान पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भोजन के कारण कुत्ते शाला परिसर की ओर आकर्षित न हों।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, तथा प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के लिए विकासखंड स्रोत समन्वयक नोडल अधिकारी रहेंगे। की गई कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को भेजना अनिवार्य होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा और विद्यालय परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाना है। आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर छिंदवाड़ा, सीईओ जिला पंचायत, संयुक्त संचालक जबलपुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित सभी विभागों को भेजी गई है।




