डिंडौरी। कलेक्टर भदौरिया ने जिले के विभिन्न ग्रामों का औचक निरीक्षण कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक शाला भर्रा टोला, ग्राम पंचायत घानाघाट, गीधा, लिखनी, मझियाखार एवं लालपुर का भ्रमण किया और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण विकास विभाग की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत चल रहे गेबियन कार्य, कंटूर ट्रेंच एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत निर्माणाधीन नवीन तालाबों का निरीक्षण किया। ग्राम बरसोद में नवीन तालाब निर्माण स्थल पर पहुंचकर उन्होंने मजदूरों से सीधे संवाद कर कार्य की प्रगति, मजदूरी भुगतान एवं अन्य समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर सचिव एवं रोजगार सहायक को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
प्राथमिक शाला भर्रा टोला, घानाघाट में कलेक्टर ने बच्चों से पाठ पढ़वाकर उनके शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन किया। बच्चों द्वारा कलेक्टर, पुलिस अधिकारी, वकील एवं इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त करने पर उन्होंने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यालय में तैयार हो रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचने हेतु कलेक्टर ने स्वयं भोजन चखकर भी देखा।
ग्राम पंचायत घानाघाट में 6.81 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन कंटूर ट्रेंच तथा 1.47 लाख रुपये की लागत के गेबियन कार्य का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री आरईएस विभाग एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत डिंडौरी को कार्यस्थल के आसपास वृहद वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए, ताकि मिट्टी कटाव को रोका जा सके और क्षेत्र में हरित एवं स्वच्छ वातावरण विकसित हो।
ग्राम पंचायत लिखनी में कलेक्टर ने हैंडलूम बुनकरों के घर-घर जाकर उनसे चर्चा की। उन्होंने बुनकरों की आय-व्यय एवं लाभ की जानकारी लेते हुए कहा कि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रशासन सहयोग करेगा, जिससे स्वदेशी साड़ी, सलवार-सूट, कुर्ता-पायजामा एवं चादर जैसे उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग हो सके।
कलेक्टर ने संतोषी बछलहा, राजेश्वरी एवं गणेश स्व सहायता समूह की महिलाओं से भी संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रतिमाह 5 हजार से 15 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। ग्रामीणों द्वारा सड़क, पानी, बिजली एवं आवास की मांग रखे जाने पर कलेक्टर ने धरती आबा योजना के अंतर्गत सर्वे कराकर प्राप्त आवेदनों के आधार पर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
इसके पश्चात कलेक्टर ने ग्राम पंचायत लिखनी के आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




