डिंडौरी। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ एवं मोटा अनाज उपार्जन की तैयारियों के तहत जिले में किसानों के पंजीयन का विस्तृत सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, भोपाल के निर्देश पर प्रशासन ने यह प्रक्रिया विशेष सतर्कता के साथ प्रारम्भ की है।
जिले में सिकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन में गड़बड़ी की संभावनाओं को देखते हुए इस वर्ष सभी दावों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। समिति एवं समिति संचालित पंजीयन केंद्रों पर दर्ज किए गए पंजीयन विवरण का विभागीय अधिकारी एवं सत्यापन दल द्वारा सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देशन में गठित टीमें किसानों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों, भूमि अभिलेखों एवं अन्य आवश्यक कागज़ात का भौतिक निरीक्षण कर रही हैं। संदिग्ध पंजीयन या ऐसे मामले जिनमें आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें अलग श्रेणी में चिन्हित कर विशेष जांच की जाएगी। सत्यापन पूर्ण होने के बाद पात्र किसानों की सूची ई-उपार्जन पोर्टल पर अद्यतन की जाएगी और कलेक्टर द्वारा प्रमाणित सूची को बीएसओ लॉगिन से अपलोड किया जाएगा।
विभाग द्वारा निर्धारित समय के अनुसार यह संपूर्ण प्रक्रिया 12 दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय-सीमा के भीतर सत्यापन पूर्ण होने पर ही किसानों को आगामी उपार्जन सत्र में समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हो सकेगा।
किसान हितों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासन ने सभी पंजीकृत किसानों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज़ सत्यापन दल को समय पर उपलब्ध कराएँ, ताकि उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।



