भोपाल। प्रदेश में जारी गेहूं उपार्जन को लेकर सरकार ने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। समीक्षा बैठक के दौरान सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शीतल पेयजल, तौल कांटे और हम्मालों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उपार्जन कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने किसानों को राहत देते हुए स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है। अब सभी किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है। इसके अलावा उपार्जन केंद्रों की क्षमता को 1000 क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया गया है, जिससे खरीदी प्रक्रिया में तेजी आएगी। कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे जिले में इस नई क्षमता के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और स्वयं निगरानी रखें कि मंडियों में किसानों का किसी भी स्तर पर शोषण न हो।
असमय वर्षा को ध्यान में रखते हुए चना और मसूर की खरीदी केवल शेड के नीचे ही करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। वहीं केंद्र सरकार द्वारा चमकविहीन गेहूं की सीमा में 50 प्रतिशत तक शिथिलता दी गई है। इसके अलावा सूकड़े दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा में भी 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से किसानों को राहत मिलेगी और उपार्जन प्रक्रिया अधिक सुचारू और पारदर्शी बनेगी।
