भोपाल। पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश द्वारा पुलिस स्थापना बोर्ड की मंजूरी के बाद निरीक्षकों एवं कार्यवाहक निरीक्षकों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। यह तबादले नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालाघाट एवं मण्डला में दो वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद किए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को अस्थायी रूप से उनके नाम के सामने दर्शित नवीन इकाइयों में पदस्थ किया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ निरीक्षकों को अब प्रदेश के विभिन्न जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है जिनमें छिंदवाड़ा, खरगौन, नर्मदापुरम, धार, खंडवा, विदिशा, देवास, दमोह, हरदा, अनूपपुर, शाजापुर, बड़वानी, मऊगंज, भोपाल ग्रामीण एवं जबलपुर सहित कई जिले शामिल हैं। बालाघाट से छिंदवाड़ा भेजे गए सुनील उईके, बालाघाट से धार पदस्थ अशोक कुमार ननामा, मण्डला से देवास भेजे गए कैलाश चंद्र चौहान और बालाघाट से दमोह पदस्थ महेंद्र कुमार जगेत सहित कई अधिकारियों के नाम सूची में शामिल हैं।
इसी प्रकार अन्य जिलों एवं इकाइयों से निरीक्षक एवं कार्यवाहक निरीक्षकों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है जिनमें जीआरपी भोपाल से मण्डला पदस्थ प्रकाश चंद सेन, रतलाम से मण्डला भेजे गए सत्येन्द्र रघुवंशी, राजगढ़ से मण्डला पदस्थ रवि ठाकुर, मुरैना से मण्डला भेजे गए ओम प्रकाश रावत तथा लोकायुक्त संगठन भोपाल से बालाघाट पदस्थ रंजीत सिंह राजपूत सहित कई अधिकारी शामिल हैं।
पुलिस मुख्यालय ने आदेश में स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण नीति 2021 के अनुसार सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्यमुक्त किया जाए तथा यदि कोई अधिकारी निलंबन की स्थिति में है तो उसे कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा और इसकी सूचना मुख्यालय को दी जाएगी। जिले के भीतर कार्य आवंटन संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा इकाई में आमद देने के बाद किया जाएगा। देखें आदेश….


