— नकली उत्पादों और अनुचित व्यापार से बचने के लिए अधिकारों की जानकारी जरूरी
डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में World Consumer Rights Day के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें शोषण से बचाने के उपायों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय ग्राहक महापंचायत के अध्यक्ष अनिल अवधिया और सचिव कान्हा प्रशनानी उपस्थित रहे। उन्होंने उपभोक्ताओं को उनके प्रमुख अधिकारों—सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चयन का अधिकार तथा सुनवाई का अधिकार—के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इन अधिकारों की जानकारी होने से उपभोक्ता नकली उत्पादों, अनुचित व्यापार प्रथाओं और खराब सेवाओं के खिलाफ प्रभावी ढंग से अपनी आवाज उठा सकते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी केपीएस मरावी ने उपभोक्ता अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक उपभोक्ता को खतरनाक वस्तुओं से सुरक्षा, उत्पाद की गुणवत्ता और मात्रा की सही जानकारी प्राप्त करने, प्रतिस्पर्धी कीमतों पर वस्तुओं के चयन और उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत की सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
इस दौरान बताया गया कि 15 मार्च 1962 को अमेरिकी राष्ट्रपति John F. Kennedy ने कांग्रेस में पहली बार उपभोक्ता अधिकारों पर संबोधन दिया था। इसके बाद वर्ष 1983 से 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। भारत में भी यह दिवस प्रतिवर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है, जबकि 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में मेसर्स विद्या राजेश परस्ते पेट्रोलियम डिंडौरी के प्रोपाइटर राजेश परस्ते ने भी उपभोक्ता हितों से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक महापंचायत इकाई डिंडौरी के पदाधिकारी, जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न उपार्जन केन्द्रों के ऑपरेटर उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जे.पी. दुबेदी, सहायक आपूर्ति अधिकारी शमीम खान, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आकाश तुरकर, नापतौल विभाग से जेठू मरावी, जिला मुख्यालय खाद्य ऑपरेटर अजय दुबे, जनपद समनापुर के ऑपरेटर रामेश्वर माण्डवे, जनपद शहपुरा के ऑपरेटर प्रहलाद साहू और पीएमसी सेल के ऑपरेटर शुभम तिवारी सहित जिले के समिति प्रबंधक एवं गेहूं उपार्जन केन्द्रों के ऑपरेटर मौजूद रहे।




