डिंडौरी। जिला पंचायत डिण्डौरी अंतर्गत जनपद पंचायत डिण्डौरी की ग्राम पंचायत पौंडीमाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए गए परकुलेशन टैंक निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। मीडिया में प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में यह पुष्टि हुई है कि परकुलेशन टैंक शासकीय भूमि पर निर्मित किए जाने के बजाय निजी भूमि पर बनाए गए, जिससे लगभग 27.95 लाख रुपये की शासकीय राशि का नियम विरुद्ध व्यय हुआ है।
मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिण्डौरी द्वारा ग्राम पंचायत पौंडीमाल सेक्टर के उपयंत्री कमलेश धुमकेती को कारण-सूचना पत्र जारी किया गया है। जारी पत्र में उल्लेख है कि ग्राम पंचायत पौंडीमाल एवं ग्राम नयेगांव रैयत में मनरेगा योजना अंतर्गत तीन परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें गोयरा रैयत परकुलेशन टैंक कार्य पर 9.99 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 8.72 लाख रुपये, पौंडीमाल परकुलेशन टैंक कार्य पर 10.72 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 10.66 लाख रुपये तथा नयेगांव रैयत परकुलेशन टैंक कार्य पर 9.99 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 8.57 लाख रुपये का व्यय किया गया। पत्र के अनुसार तीनों ही निर्माण कार्य शासकीय भूमि पर न होकर भूमि स्वामी की निजी भूमि पर कराए गए, जो मनरेगा के दिशा-निर्देशों और शासन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
कारण-सूचना पत्र में यह भी कहा गया है कि उक्त तीनों निर्माण कार्यों में कुल 27.95 लाख रुपये का व्यय नियम विरुद्ध तरीके से किया गया, जिसे शासकीय राशि का दुरुपयोग माना गया है। साथ ही उपयंत्री पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने का आरोप लगाया गया है, जो मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी योजना की संविदा सेवा शर्तों में निहित प्रावधानों का उल्लंघन है। पत्र में दो दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
मीडिया में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डिण्डौरी द्वारा मामले की जांच कराई गई। गठित जांच दल ने 13 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत पौंडीमाल में सरपंच, सचिव और ग्रामवासियों की उपस्थिति में कार्यस्थलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गोयरा रैयत और नयेगांव रैयत में बनाए गए परकुलेशन टैंक पूर्णतः निजी भूमि पर निर्मित हैं, जबकि पौंडीमाल में किया गया एक निर्माण कार्य आंशिक रूप से शासकीय और आंशिक रूप से निजी भूमि पर किया गया है।
जांच प्रतिवेदन में निष्कर्ष रूप में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत पौंडीमाल में रोजगार सहायक, पूर्व सचिव, सरपंच और उपयंत्री द्वारा शासन के नियमों और निर्देशों की अनदेखी करते हुए निजी भूमि पर परकुलेशन टैंक का निर्माण कराया गया, जिससे 27.95 लाख रुपये की शासकीय राशि का दुरुपयोग हुआ है। प्रतिवेदन में यह भी अनुशंसा की गई है कि संबंधित भूमि के खसरा नंबर और रकबे का सत्यापन पटवारी स्तर से कराया जाना उचित होगा, ताकि भूमि की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
जांच प्रतिवेदन को अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला पंचायत कार्यालय को प्रेषित कर दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच निष्कर्षों के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध राशि वसूली, अनुशासनात्मक कार्रवाई अथवा संविदा समाप्ति जैसी कार्रवाई की जा सकती है। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में सामने आया यह मामला स्थानीय स्तर पर निगरानी और जवाबदेही की गंभीर कमी को उजागर करता है।
