भोपाल। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पी. नरहरि ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। यह समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त जिलों के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री स्तर के अधिकारियों के साथ की गई। समीक्षा के दौरान कार्यों में शिथिलता और लापरवाही पाए जाने पर प्रमुख सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए 3 अधीक्षण यंत्रियों एवं 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति के लिए संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की जिलेवार प्रगति की समीक्षा की गई। प्रस्तुत रिपोर्ट में यह सामने आया कि कई जिलों में घर-घर नल कनेक्शन देने की गति निर्धारित लक्ष्य और तय समय-सीमा के अनुरूप नहीं है, जिससे मिशन के उद्देश्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। नरहरि ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि आगे से कार्यों की नियमित और सख्त निगरानी की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन राज्य शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। यह योजना केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय, गुणवत्ता, समय-सीमा और पारदर्शिता के साथ कार्यों के निष्पादन पर विशेष जोर दिया।
