Breaking News : दूषित पानी से मौतों के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन, नगर निगम में तीन नए अपर आयुक्त तैनात….

Rathore Ramshay Mardan
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भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। भागीराथपुरा क्षेत्र में सामने आई गंभीर घटना के बाद राज्य शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए इंदौर नगर निगम में अहम बदलाव किए हैं। शासन ने एक आईएएस अधिकारी का इंदौर से तबादला किया है, जबकि तीन नए आईएएस अधिकारियों को नगर निगम में अपर आयुक्त के पद पर पदस्थ किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह सभी पदस्थापनाएं अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न व्यवस्था के तहत की गई हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने 2 जनवरी 2026 को यह आदेश जारी हुआ।

— इन अधिकारियों के बदले गए दायित्व

रोहित सिसोनिया (2017 बैच) को अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम इंदौर से हटाकर उप सचिव, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन बनाया गया है।

आकाश सिंह (2019 बैच), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत खरगौन को अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम इंदौर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रखर सिंह (2020 बैच), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत आलीराजपुर को अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम इंदौर नियुक्त किया गया है।

आशीष कुमार पाठक (2020 बैच), उप परिवहन आयुक्त, इंदौर को भी अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम इंदौर के पद पर तैनात किया गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अपर आयुक्त का पद असंवर्गीय होने की स्थिति में उसे उप सचिव स्तर के संवर्गीय पद के समकक्ष माना जाएगा।

— दूषित पानी बना प्रशासनिक सख्ती की वजह

भागीराथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों की खबरों के बाद नगर निगम और जल प्रदाय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके बाद शासन स्तर पर जवाबदेही तय करने और नगर निगम की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है।

— नगर निगम में बढ़ेगी निगरानी

तीन नए आईएएस अधिकारियों की एक साथ नगर निगम में तैनाती को जल प्रदाय, स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सख्त निगरानी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पानी की गुणवत्ता, पाइपलाइन व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

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