डिंडौरी। ब्राम्हण समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कथित बयान को लेकर जिले में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को जिला विप्र समाज डिण्डौरी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसे कलेक्टर डिण्डौरी के माध्यम से शासन को प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में जिला विप्र समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि हाल ही में भोपाल में पदस्थ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राम्हण बेटियों पर कथित रूप से अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इस टिप्पणी से न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के ब्राम्हण समाज में गहरा रोष है। समाज के नेताओं का कहना है कि यह बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाला और समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला है।
विप्र समाज ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि संतोष वर्मा के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें प्रशासनिक पद से निलंबित करके भारत सरकार को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव भेजा जाए।
समाज के पदाधिकारियों ने यह भी उल्लेख किया कि संतोष वर्मा के विरुद्ध पूर्व में भी कई अनियमितताओं के मामले लंबित हैं, जिनकी जांच अभी तक पूर्ण नहीं हो सकी है। इन जांचों को त्वरित गति से पूरा कर दोष सिद्ध होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शासन द्वारा तीन दिनों के भीतर एफआईआर एवं निलंबन की कार्रवाई नहीं की जाती, तो विप्र समाज प्रदेशभर में उग्र आंदोलन शुरू करेगा। इस आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति बनने पर जिम्मेदारी पूर्णत: शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला विप्र समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्य एवं नगर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समाज के सदस्यों ने कहा कि यह मामला केवल एक समुदाय विशेष का नहीं, बल्कि समाज की मर्यादा और प्रशासनिक आचरण का प्रश्न है, जिसके समाधान के लिए कठोर तथा त्वरित कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।




