भोपाल/डिंडौरी। अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिए गए विवादित वक्तव्य के बाद आईएएस संतोष कुमार वर्मा पर सरकार ने तल्ख रुख अपनाया है। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने उनके बयान को सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाने वाला और अखिल भारतीय सेवाओं के आचरण नियमों के विरुद्ध बताते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। विभाग द्वारा जारी इस पत्र में कहा गया है कि 23 नवंबर 2025 को दिए गए बयान की समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आती है। इन परिस्थितियों में आईएएस वर्मा को सात दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई किए जाने का उल्लेख भी नोटिस में किया गया है।
इधर आईएएस संतोष वर्मा के बयान पर शासकीय शिक्षक संगठन जिलेाध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि संतोष वर्मा की टिप्पणी बहन बेटियों का सीधा अपमान है और समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने वाली सोच का परिचायक है। संगठन अध्यक्ष के अनुसार यह विचारधारा कुंठित मानसिकता को दर्शाती है और ऐसी टिप्पणी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने सरकार से मांग की कि केवल स्पष्टीकरण मांगने तक सीमित न रहते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
राम कुमार गर्ग ने महिला आयोग से भी इस पूरे मामले को स्वतः संज्ञान में लेने और आईएएस अधिकारी के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यह बयान महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध है और इससे समाज में गलत संदेश गया है। विवादित टिप्पणी सामने आने के बाद जिले सहित प्रदेश भर में भी इसकी व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और अब सभी की नजरें आईएएस वर्मा के जवाब तथा सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिक गई हैं।




