— छात्रावासों में गोंडी चित्रकला और छात्रों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराने पर विशेष जोर
डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने विभागीय अधिकारियों को विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जिले के सभी स्टॉप डेम और चेक डेम में 48 घंटे के भीतर गेट लगना अनिवार्य है। कलेक्टर ने कहा कि समय पर गेट लगाने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा तथा वन्य जीवों को भी पानी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
निर्माण विभागों की बैठक में कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि कोई भी नया भवन अधूरा न सौंपा जाए। सभी आवश्यक सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और मूलभूत संरचनाओं के पूर्ण होने के बाद ही भवन का हैंडओवर किया जाए। उन्होंने विभागीय लापरवाही पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
जनजातीय संस्कृति संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए कलेक्टर ने जनजातीय कार्य विभाग और शिक्षा विभाग को सभी छात्रावासों की दीवारों पर गोंडी चित्रकला कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल छात्रों को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का काम करेगी, बल्कि कला को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगी।
ठंड के बढ़ते मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान किसी भी छात्रावास या विद्यालय में रहने वाले बच्चों को ठंड से बचाव हेतु गर्म कपड़े, कंबल, जूते और चप्पल उपलब्ध कराए जाएँ। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने कलेक्टर के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।




