जबलपुर। आदिवासी तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, जबलपुर संभाग के संभागीय उपायुक्त कार्यालय ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। हाल ही में यह पाया गया कि विभागीय पत्राचार एवं उच्च न्यायालय जबलपुर में लगने वाली याचिकाओं में गलत पदनाम “संभागीय आयुक्त, जनजातीय कार्य” का उपयोग किया जा रहा है, जबकि विभाग में इस नाम का कोई पद अस्तित्व में नहीं है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संभाग स्तर पर केवल “संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास, जबलपुर संभाग” का पद मान्य है। इसके बावजूद कई अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा गलत पदनाम से पत्राचार किए जाने पर विभाग ने असंतोष जताया है।
संभागीय उपायुक्त से जारी आदेश में बताया कि इस त्रुटि को लेकर कमिश्नर, जबलपुर संभाग ने भी नाराजगी व्यक्त की है, जिसके बाद यह निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिला अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और कर्मचारियों को सही पदनाम के उपयोग के संबंध में अवगत कराएं। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में किसी भी पत्राचार या न्यायालयीन प्रकरण में केवल सही और मान्य पदनाम— संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य तथा अनुसूचित जाति विकास, जबलपुर संभाग का ही उपयोग किया जाए।





