RI पर रिश्वतखोरी,तीन बच्चे, गलत सीमांकन: व सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप….

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रेश के डिंडौरी जिले के तहसील शहपुरा में पदस्थ राजस्व निरीक्षक बलीराम साहू पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्राम संग्रामपुर निवासी शेख लाल तेकाम ने जिला कलेक्टर को एक लिखित शिकायत सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बलीराम साहू ने सीमांकन के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, लेकिन काम पूरा नहीं किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेख लाल तेकाम ने बताया कि दिनांक 15 मई 2025 को सीमांकन के लिए जब वह बलीराम साहू से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, तो उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे देने के बाद भी सीमांकन कार्य अधूरा रहा, और जब इसके संबंध में पुनः संपर्क किया गया तो अधिक पैसे की मांग की गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस वार्ता की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो चुकी है, जिसमें पैसे की मांग स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती है।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बलीराम साहू का स्थायी निवास ग्राम शहपुरा है, और शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद वे वर्षों से अपने गृह ग्राम एवं गृह तहसील में ही पदस्थ हैं। मध्यप्रदेश शासन के सेवा नियमों के अनुसार कोई भी राजस्व अधिकारी या कर्मचारी अपने गृह अनुभाग में पदस्थ नहीं रह सकता, लेकिन बलीराम साहू वर्षों से इसी क्षेत्र में पदस्थ हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि साहू ने स्थानीय प्रभाव और राजनीतिक संबंधों के दम पर स्थानांतरण आदेश होने के बावजूद उसे रुकवा लिया।

नियमों की और भी अवहेलना: तीन संतान होने का मामला….

शिकायत में एक और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि बलीराम साहू के तीनों बच्चे 26 जनवरी 2001 के बाद जन्मे हैं, जो मध्यप्रदेश शासन की जनसंख्या नियंत्रण नीति के अंतर्गत शासकीय सेवा के लिए अयोग्य बनाता है। प्राप्त जन्मतिथियों के अनुसार उनके बच्चों का जन्म क्रमशः वर्ष 2002, 2005 और 2008 में हुआ है। इस संदर्भ में समग्र आईडी जैसे साक्ष्य भी शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं। पूर्व में भी इस विषय पर शिकायतें कलेक्टर कार्यालय में दी गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।

रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप…

शेख लाल तेकाम ने यह भी आरोप लगाया कि बलीराम साहू ने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बिना वैध नक्शा कटवाए जमीन सीमांकन करवा दिया है। उन्होंने दीपक उरैती नामक व्यक्ति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह ताजा मामला है, और यदि जांच की जाए तो और भी ऐसे प्रकरण सामने आ सकते हैं।

वहीं शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बलीराम साहू के खिलाफ विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए या कम से कम उनका स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से बजाग तहसील किया जाए, ताकि वे अपने गृह क्षेत्र में प्रभाव का दुरुपयोग न कर सकें।

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