डिंडौरी। जिला चिकित्सालय डिंडौरी में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। अस्पताल में पहली बार बिना पेट पर चीरा लगाए बच्चेदानी निकालने का सफल ऑपरेशन किया गया। आधुनिक चिकित्सा पद्धति से हुए इस ऑपरेशन के बाद 60 वर्षीय महिला पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। उपचार के बाद 4 नवंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जानकारी के अनुसार, नर्मदागंज निवासी हिरिया बाई पति देवलाल हरदे बच्चेदानी के योनि मार्ग से बाहर आने की समस्या से पीड़ित थीं। जिला चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरूणेन्द्र मूर्ति गौतम ने जांच के बाद ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। आवश्यक उपकरण और संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण शुरुआत में महिला को मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने और अकेले होने के कारण महिला ने जिला अस्पताल में ही उपचार कराने का आग्रह किया।
इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय और सिविल सर्जन डॉ. रमेश सिंह मरावी ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को दी। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता और महिला की परिस्थितियों को देखते हुए आयुष्मान योजना के अंतर्गत आवश्यक उपकरण एवं संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद 2 नवंबर को जिला चिकित्सालय में सफल ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन करने वाली टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरूणेन्द्र मूर्ति गौतम, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. दिलीप रंगारे और चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. धनराज सिंह शामिल रहे। सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ. कन्हैया बघेल ने विशेष सहयोग दिया। वहीं नर्सिंग ऑफिसर देवकी मरकाम और किरण कुलस्ते ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सफल उपचार के बाद महिला ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार जताया। इस उपलब्धि पर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की कमी के कारण किसी भी मरीज को इलाज के लिए बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेज जाने की जरूरत न पड़े। जिला चिकित्सालय में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

