— खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए पंजीयन की बढ़ी समय-सीमा, आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य; निर्धारित संख्या से अधिक पंजीयन मान्य नहीं
डिंडौरी। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन से वंचित किसानों को शासन ने एक और अवसर दिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत डिंडौरी जिले के शेष 848 किसानों का पंजीयन 4 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देश पर आदेश जारी किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जिले में लगभग 82 प्रतिशत किसानों का पंजीयन हो चुका है। इसके बाद शेष पात्र किसानों को समर्थन मूल्य पर धान विक्रय की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देने के उद्देश्य से पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। इस संबंध में अपर संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, मध्यप्रदेश द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया।
आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य
जारी निर्देशों के अनुसार, किसान पंजीयन के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। वहीं, दिव्यांग श्रेणी के अंतर्गत पंजीयन कराने वाले किसानों को संबंधित पंजीयन केंद्र के प्रभारी के समक्ष दिव्यांगता प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध करानी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित संख्या के अनुसार जिले के शेष 848 किसानों से अधिक का पंजीयन मान्य नहीं किया जाएगा।
ई-उपार्जन पोर्टल पर मिलेगी सुविधा
पंजीयन प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए एनआईसी भोपाल को ई-उपार्जन पोर्टल पर शेष किसानों के पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पंजीयन प्रक्रिया की लगातार निगरानी करने को कहा गया है, ताकि केवल वास्तविक एवं पात्र किसानों का ही पंजीयन सुनिश्चित किया जा सके।
4 नवंबर तक पंजीयन कराने की अपील
शासन के इस निर्णय से पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने का एक और अवसर मिला है। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा 4 नवंबर 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पंजीयन पूरा कराएं, ताकि समर्थन मूल्य पर धान विक्रय की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सके।
