डिंडौरी। मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया “जल गंगा संवर्धन अभियान” अब एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान की अगुवाई कर रहीं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने इसे केवल प्रशासनिक कार्यक्रम न रखकर जनभावनाओं से जोड़ दिया है, जिसका असर अब हर रविवार नर्मदा घाटों पर साफ दिखाई देता है।
रविवार की सुबह जब नर्मदा तट पर अधिकारी, कर्मचारी, व्यापारी, छात्र, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक एक साथ श्रमदान करते नजर आते हैं, तो वह दृश्य केवल सफाई अभियान का नहीं बल्कि आस्था, जिम्मेदारी और सामूहिक चेतना का प्रतीक बन जाता है। कलेक्टर भदौरिया के मार्गदर्शन में नगर पालिका, स्वास्थ्य, राजस्व, शिक्षा और आयुष विभाग सहित विभिन्न संस्थाएं इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भावुक अपील करते हुए कहा कि “मां नर्मदा हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। जिस नदी के जल से हमारा अस्तित्व जुड़ा है, उसे स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाए रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने जिलेवासियों से आग्रह किया कि वे केवल अभियान के दौरान ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में भी स्वच्छता के नियमों का पालन करें।
अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से नजर आने लगे हैं। नर्मदा घाटों की साफ-सफाई में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और जल की गुणवत्ता भी पहले की तुलना में बेहतर दिखाई दे रही है। घाटों से प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे नर्मदा में साबुन, डिटर्जेंट और अन्य हानिकारक पदार्थों का उपयोग न करें।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें प्रशासन और जनता के बीच अद्भुत समन्वय देखने को मिल रहा है। व्यापारी संघ, सामाजिक संगठनों और युवाओं की भागीदारी ने इसे और भी प्रभावी बना दिया है। लोग स्वेच्छा से आगे आकर श्रमदान कर रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
“जल गंगा संवर्धन अभियान” का उद्देश्य केवल नर्मदा की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ जल सुनिश्चित करना भी है। कलेक्टर भदौरिया की यह पहल जिले में जनजागरूकता का नया अध्याय लिख रही है।
डिंडौरी की यह पहल अब एक मिसाल बनती जा रही है, जहां प्रशासन की संवेदनशीलता और जनता की सहभागिता मिलकर सकारात्मक बदलाव ला रही है। मां नर्मदा के प्रति यह सामूहिक समर्पण न केवल जिले को स्वच्छ बना रहा है, बल्कि समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता का भाव भी मजबूत कर रहा है।




