जबलपुर। संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य और अनुसूचित जाति विकास, जबलपुर संभाग ने संभाग में पदस्थ माध्यमिक शिक्षकों से जुड़े प्रकरणों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने मंडला, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, कटनी एवं नरसिंहपुर जिलों के सहायक आयुक्त/जिला संयोजकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना पूर्ण जांच एवं परीक्षण के कोई भी प्रकरण संभागीय कार्यालय को प्रेषित न किया जाए।
जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि पदोन्नति, संतान पालन अवकाश, परीक्षा में बैठने की अनुमति एवं अन्य मामलों से संबंधित कई प्रकरण बिना आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित प्रपत्रों के सीधे संभागीय कार्यालय भेजे जा रहे हैं। ऐसे अपूर्ण प्रकरणों के कारण नियमानुसार परीक्षण में अनावश्यक विलंब हो रहा है और समय-सीमा में निराकरण संभव नहीं हो पा रहा है।
संभागीय उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में सभी प्रकरणों की जिला स्तर पर पूर्ण जांच-परीक्षण के बाद ही उन्हें संभागीय कार्यालय भेजा जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि आगे भी अपूर्ण या बिना परीक्षण किए प्रकरण भेजे गए तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




