Dindori News : ऊपर से माल नहीं का बहाना, नीचे खुली लूट, डिंडौरी में तंबाकू उत्पादों की कालाबाज़ारी उजागर….

Rathore Ramshay Mardan
4 Min Read

डिंडौरी में तंबाकू व मादक पदार्थों की काला बाज़ारी बेलगाम, जिम्मेदार विभाग बना मूकदर्शक…..

डिंडौरी जिले में इन दिनों मादक पदार्थों और तंबाकू से जुड़े उत्पादों की काला बाज़ारी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। राजश्री, गुड़ाखू सहित अन्य प्रतिबंधित एवं नियंत्रित तंबाकू उत्पाद खुलेआम तय कीमत से अधिक दामों पर बेचे जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा खेल जिले के बड़े थोक व्यापारियों द्वारा सुनियोजित तरीके से लंबे समय से खेला जा रहा है।

बताया जा रहा है कि थोक व्यापारी जानबूझकर छोटे दुकानदारों को उनकी वास्तविक मांग से काफी कम मात्रा में तंबाकू उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं। दुकानदारों को यह कहकर संतुष्ट किया जाता है कि कंपनियों से माल की आपूर्ति नहीं हो रही है या ऊपर से स्टॉक ही नहीं आ रहा। इसी बहाने बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर दी जाती है। जब दुकानों में माल कम दिखाई देता है, तो ग्राहक मजबूरी में अधिक कीमत चुकाने को तैयार हो जाते हैं।

इस कृत्रिम अभाव का नतीजा यह है कि जो सामान 10 रुपये में बिकना चाहिए, वह 15 रुपये में और 40 रुपये की सामग्री 50 रुपये तक में बेची जा रही है। कई इलाकों में तो इससे भी अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां विकल्प न होने के कारण उपभोक्ताओं को मनमानी कीमत चुकानी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह काला बाज़ारी बीते कई दिनों से नहीं बल्कि लंबे समय से पूरे जिले में चल रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा न तो नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और न ही प्रभावी कार्रवाई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, आबकारी विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आमजन में यह चर्चा है कि यदि समय-समय पर दुकानों और गोदामों की जांच होती, तो इस तरह की मुनाफाखोरी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती थी।

काला बाज़ारी का सीधा असर न सिर्फ आम नागरिकों पर पड़ रहा है, बल्कि युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिल रहा है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि तंबाकू और मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर सख्ती से रोक लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि थोक व्यापारियों के स्टॉक की जांच कर वास्तविक आपूर्ति और बिक्री का खुलासा किया जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कब जागता है और काला बाज़ारी के इस संगठित खेल पर कब तक प्रभावी लगाम लगाई जाती है। जनता को उम्मीद है कि जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि बाजार में निर्धारित दरों पर ही सामग्री उपलब्ध हो सके और आम लोगों को राहत मिल सके।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *