डिंडौरी। विकासखण्ड करंजिया अंतर्गत शासकीय शालाओं में पदस्थ शिक्षकों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी करंजिया द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अधीनस्थ कर्मचारी संस्था से बिना अनुमति अथवा कारण अनुपस्थित नहीं रहेगा। निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि बीएसी एवं सीएसी करंजिया के माध्यम से समय-समय पर शालाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई शिक्षक कार्यालयीन कार्य का बहाना बनाकर विद्यालय में उपस्थित नहीं रहते और बिना अनुमति इधर-उधर घूमते पाए गए। इस प्रकार की लापरवाही से शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है, जिसे विभाग ने गंभीरता से लिया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निरीक्षण के समय यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु उच्च कार्यालय को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। इस कार्रवाई के लिए संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी और किसी भी प्रकार का बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षा अधिकारी ने कार्यालयीन कार्य के नाम पर विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी कर्मचारी को अनिवार्य रूप से कार्यालयीन कार्य से करंजिया आना-जाना पड़ता है, तो उसे संस्था प्रमुख से विधिवत अनुशंसा पत्र प्राप्त करना होगा। साथ ही ऐसे कर्मचारी अपरान्ह 2:30 बजे के बाद ही कार्यालय में उपस्थित हो सकेंगे, ताकि विद्यालय का शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो।




