डिंडौरी । मध्यप्रदेश के आकांक्षी और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले डिंडौरी जिले ने शिक्षक उपस्थिति के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। ई–एचआरएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में डिंडौरी जिले ने पूरे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। न नेटवर्क की समस्या का रोना और न किसी प्रकार का विरोध—जिले के शिक्षकों ने जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज की है।
जिले के 4382 शिक्षकों में से 3367 शिक्षकों ने 28 नवंबर 2025 को अपनी उपस्थिति ई–एचआरएमएस पर दर्ज की, जो 77 प्रतिशत उपलब्धि है। यह उपलब्धि डिंडौरी जैसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल जिले के लिए उल्लेखनीय मानी जा रही है।
अधिकारियों के कुशल नेतृत्व, प्रशिक्षण और निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम कलेक्टर डिंडौरी, सहायक आयुक्त, डीपीसी, संकुल प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसी की सक्रिय भूमिका और समय-समय पर दिए गए प्रशिक्षण का प्रत्यक्ष असर अब जिले की उपस्थिति पर साफ दिखाई दे रहा है। अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग, मैदानी भ्रमण और शिक्षकों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने से ऑनलाइन उपस्थिति प्रक्रिया सहज हुई है।
डिंडौरी जिले में शिक्षकों द्वारा दर्ज की गई यह उपस्थिति पूरे प्रदेश में प्रदर्शन सुधार का प्रेरक मॉडल बनकर उभरी है। प्रदेश में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति में भिंड पहले, सिंगरौली दूसरे और नरसिंहपुर तीसरे स्थान पर रहे।
प्रदेश रैंकिंग (28 नवंबर 2025)
1. भिंड – 93% 2. सिंगरौली – 82% 3. नरसिंहपुर – 79% 4. डिंडौरी – 77%
डिंडौरी जिले की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व सशक्त हो और शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को समझते हों तो संसाधनों की कमी भी विकास में बाधा नहीं बन सकती। शिक्षकों की यह कर्तव्यपरायणता जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




