मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख व घायलों को 1-1 लाख की सहायता..
मध्यप्रदेश के इंदौर में सोमवार की शाम हुआ सड़क हादसा पूरे प्रदेश को झकझोर गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि राज्य शासन ने इसे पूरी गंभीरता से लिया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और घायलों को एक-एक लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को इंदौर पहुंचकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा कर बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत समीक्षा की और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और यातायात नियंत्रण, ड्रोन निगरानी, अनियंत्रित वाहनों पर रोक तथा एलिवेटेड ब्रिज निर्माण की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की है। यातायात पुलिस उपायुक्त अरविंद तिवारी को हटाकर भोपाल मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। साथ ही प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जिनमें सहायक पुलिस आयुक्त, प्रभारी एएसआई, प्रभारी सूबेदार, निरीक्षक और ड्यूटी पर तैनात चार कांस्टेबल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे के दौरान बचाव कार्य में आगे बढ़कर मदद करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया जाएगा। इनमें कांस्टेबल पंकज यादव और ऑटो चालक अनिल कोठारी का नाम प्रमुख है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद विचलित करने वाली है और उन्होंने स्वयं पूरी रात बेचैनी में बिताई। सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और सभी आवश्यक प्रबंध कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

