नई दिल्ली/भोपाल। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के अंतर्गत मध्यप्रदेश को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹88 करोड़ 87 लाख 65 हजार की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है। यह राशि प्रशासनिक मद (एडमिन कंपोनेंट) के तहत जारी की गई है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए किया जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में बताया गया कि यह फंड राज्य सरकार को नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (Ne-FMS) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। राशि का वितरण राज्य द्वारा जारी किए गए फंड ट्रांसफर ऑर्डर (FTO) के आधार पर चरणबद्ध तरीके से होगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस राशि से सबसे पहले पुरानी लंबित प्रशासनिक देनदारियों का भुगतान किया जाए। साथ ही सभी व्यय का विस्तृत विवरण NREGASoft पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। किसी भी स्थिति में योजना के दिशा-निर्देशों से विचलन स्वीकार नहीं किया जाएगा और मजदूरों को दोहरा भुगतान नहीं होना चाहिए।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि फंड का उपयोग तय शर्तों के अनुरूप किया जाए, अन्यथा आगे की किस्तों पर असर पड़ सकता है। राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 12 माह के भीतर उपयोग प्रमाण पत्र (UC) जमा करना होगा, जिसमें अर्जित ब्याज का विवरण भी शामिल रहेगा।
इस राशि के उपयोग की जांच भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) तथा मंत्रालय के आंतरिक ऑडिट द्वारा की जाएगी। राशि सीधे भारतीय रिजर्व बैंक में राज्य के प्रशासनिक खाते में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। इस केंद्रीय सहायता से प्रदेश में मनरेगा के तहत लंबित भुगतान निपटाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
