— ग्रामीणों की ताकत के आगे हारी मुश्किलें | नर्मदा जल पहुंचा गांव तक
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के जनपद पंचायत मेंहदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत सारंगपुर में जनभागीदारी और सशक्त नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। महिला सरपंच कमलवती परस्ते एवं ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से पोषक ग्राम कनेरी रैयत उर्फ मुरमी टोला में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सका है। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से ग्रामीणों को सुबह और शाम नियमित रूप से नर्मदा नदी का शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कनेरी रैयत उर्फ मुरमी टोला लंबे समय से भीषण जल संकट से जूझ रहा था। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता था। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कई बार नलकूप खनन कराया गया, लेकिन कहीं भी पर्याप्त जलस्रोत उपलब्ध नहीं हो सका।
15वें वित्त आयोग से बनी आधारभूत संरचना
ग्राम पंचायत सारंगपुर द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आदेश दिनांक 11 जून 2024 के तहत 15वें वित्त आयोग की राशि से लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये की लागत से तीन पानी टंकियों का निर्माण कराया गया। साथ ही पाइपलाइन, मोटर पंप, वायर सहित अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की गई, हालांकि संसाधनों की कमी के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका था।
श्रमदान और सहयोग से पूरा हुआ सपना
कार्य को आगे बढ़ाने के लिए ग्रामीणों ने महिला सरपंच का सहयोग करते हुए आपसी चंदा एकत्र कर ट्रांसफार्मर लगवाया। इसके पश्चात ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए नर्मदा नदी से गांव तक लगभग एक किलोमीटर लंबी खड़ी घाटी में पाइपलाइन बिछाई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद निरंतर प्रयासों से गांव तक नर्मदा का पानी पहुंचाने में सफलता मिली।
महिला स्व सहायता समूह का योगदान
गांव की रानी दुर्गावती स्व सहायता समूह की महिलाओं ने भी इस पहल में अहम भूमिका निभाई। जल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए समूह द्वारा एक अतिरिक्त मोटर पंप की व्यवस्था की गई, जिससे आकस्मिक स्थिति में जल आपूर्ति सुचारु बनी रहे।
अन्य पंचायतों के लिए बनी मिसाल
जहां अनेक स्थानों पर भारी-भरकम बजट खर्च होने के बावजूद पेयजल समस्या बनी रहती है, वहीं ग्राम पंचायत सारंगपुर में सीमित राशि और जनसहयोग से नर्मदा जल को गांव तक पहुंचाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस अनुकरणीय पहल को देखने जनपद के अधिकारी, सीईओ, एसडीओ एवं आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंच गांव पहुंच रहे हैं। यह पहल अब क्षेत्र में जनभागीदारी से विकास की प्रेरणादायक मिसाल बनती जा रही है।
