भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने बोर्ड परीक्षा 2026 में परीक्षा परिणाम बेहतर करने के उद्देश्य से सख्त कदम उठाए हैं। इस संबंध में संचालक लोक शिक्षण द्वारा समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों एवं हाईस्कूल-हायरसेकण्ड्री स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि बोर्ड परीक्षा 2026 फरवरी माह से प्रारम्भ होगी। वर्ष 2025 में कक्षा 10वीं का राज्य स्तरीय परिणाम संतोषजनक रहा, लेकिन कुछ विद्यालयों का परिणाम राज्य के औसत से कम पाया गया। राज्य स्तर पर किए गए विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया कि कई विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक होने के बावजूद परीक्षा परिणाम अपेक्षा से कमजोर रहे।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा लगातार शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, किंतु अकादमिक निरीक्षणों में यह सामने आया कि कई स्कूलों में इस सामग्री का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही, कुछ विद्यालयों ने अपने स्तर पर भी परिणाम सुधार के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई।
इसी को देखते हुए बोर्ड परीक्षा 2026 में परिणाम उन्नयन हेतु समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 18 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 के मध्य जिला मुख्यालयों पर प्राचार्यों की जिलावार एक दिवसीय समीक्षा बैठक आयोजित करें।
इन बैठकों में विशेष रूप से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के अर्द्धवार्षिक परीक्षा परिणामों के आधार पर विद्यालयों द्वारा की गई कार्यवाही, गत वर्ष कम परिणाम वाले स्कूलों द्वारा इस वर्ष अपनाई गई सुधारात्मक रणनीति तथा स्कूलों में पाठ्यक्रम पूर्णता की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे जिलावार बैठक कार्यक्रम तैयार कर ई-मेल के माध्यम से लोक शिक्षण संचालनालय को भेजें, ताकि राज्य स्तर के अधिकारी भी इन समीक्षा बैठकों में सम्मिलित हो सकें।




