डिंडौरी। जिले में दो पटवारियों के निलंबन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ, डिंडौरी ने इस कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है और तत्काल निलंबन आदेश वापस लेने की मांग की है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई निरस्त नहीं की गई तो 4 मई 2026 से जिले के समस्त पटवारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे, जिससे राजस्व कार्य पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
संघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में बताया गया कि कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत कु. शारदा पारधी एवं श्री राजेश शर्मा को लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन के अंतर्गत क्वालिटी एश्योरेंस (QA) कार्य में कथित लापरवाही के आधार पर निलंबित किया गया है। लेकिन पटवारी संघ का आरोप है कि इस कार्य के लिए न तो स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए और न ही कार्य की समय-सीमा तय की गई, जिससे पटवारियों के सामने असमंजस की स्थिति बनी रही।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि QA कार्य कब प्रारंभ हुआ और कब समाप्त किया जाना था, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी पटवारियों को उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा, कार्य के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन का भी अभाव रहा, जिसके कारण कार्य प्रभावित हुआ। संघ का कहना है कि बिना पर्याप्त संसाधन और निर्देश दिए कर्मचारियों पर कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं है।
पटवारी संघ ने निलंबन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले में बिना सुनवाई के सीधे निलंबन आदेश जारी कर दिया गया, जो सेवा नियमों के विपरीत है।
संघ ने यह भी बताया कि निलंबित पटवारी राजेश शर्मा 27 जनवरी 2026 से एक दुर्घटना के कारण चिकित्सकीय अवकाश पर हैं, इसके बावजूद उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं, कु. शारदा पारधी के मामले में संघ का दावा है कि उन्हें QA कार्य के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड मिलने से पहले ही संबंधित ग्राम का डेटा स्वतः अनुमोदित हो चुका था, जिससे उनकी जिम्मेदारी नहीं बनती।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में अधिकांश राजस्व कार्य ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जहां तकनीकी समस्याएं आम हैं। इन समस्याओं की जानकारी पटवारियों द्वारा समय-समय पर उच्च अधिकारियों को दी जाती रही है, लेकिन उनका समाधान नहीं हो पाता। इसके बावजूद केवल ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करना अनुचित और एकतरफा बताया गया है।
पटवारी संघ ने मांग की है कि दोनों पटवारियों के निलंबन आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं और भविष्य में किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से पूर्व संबंधित कर्मचारी को सुनवाई का अवसर अनिवार्य रूप से दिया जाए। साथ ही QA कार्य के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो जिले के सभी पटवारी 4 मई 2026 से सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। इससे जिले के राजस्व, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
