— बुलंद आवाज नारी शक्ति ने प्रदेश सरकार से की अपील, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हक का न्याय समय पर सुनिश्चित करने की मांग
डिंडौरी। मध्य प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संगठन “बुलंद आवाज नारी शक्ति” ने प्रदेश सरकार से उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के पालन हेतु आवेदन किया है। संगठन की प्रांताध्यक्ष रामेश्वरी मेश्राम और जिलाध्यक्ष सुमन बघेल ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि 27 जून 2019 से पहले दिए गए मानदेय में अपनी हिस्सेदारी बहाल की जाए और बकाया राशि 6% वार्षिक ब्याज दर के साथ 120 दिनों के भीतर भुगतान की जाए।
वहीं आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में उचित वृद्धि की जाए, ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन बिना किसी आर्थिक बाधा के कर सकें। संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली के आदेश और उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्णयों को ध्यान में रखते हुए नए आदेश छह महीनों के भीतर जारी किए जाएँ।
संगठन के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ बच्चों की देखभाल, पोषण और शिक्षा में अहम भूमिका निभाती हैं। उनके कार्य की सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से अत्यधिक महत्ता है, लेकिन पिछले कई वर्षों से उनका मानदेय समय पर नहीं बढ़ाया गया और बकाया राशि लंबित रही। प्रांताध्यक्ष रामेश्वरी मेश्राम ने कहा हमारी मांग केवल आर्थिक नहीं बल्कि न्यायसंगत है। न्यायालय के आदेश का पालन कर सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हक और सम्मान को सुनिश्चित करे।
जिलाध्यक्ष सुमन बघेल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राज्य के हर बच्चे की सुरक्षा और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, इसलिए उनके मेहनत का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित होना चाहिए। आवेदन में मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया गया है कि आवेदन और न्यायालय के आदेशों की प्रमाणित प्रति स्वीकार की जाए और निर्देशित समय सीमा के भीतर नया आदेश जारी कर भुगतान प्रक्रिया शुरू की जाए। संगठन ने आशा जताई कि सरकार उच्च न्यायालय के आदेश का शीघ्र पालन करेगी, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और वे अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर सकेंगी।
