डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, एसडीएम बजाग अक्षय डिगरसे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जल गंगा संवर्धन अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए और “गांव का पानी गांव में, नगर का पानी नगर में” के सिद्धांत को जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। उन्होंने नदी, नाले, तालाब, बावड़ी एवं जलाशयों की नियमित सफाई और जल संचयन कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित 1261 निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि अपूर्ण कार्य 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरे किए जाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर नोटिस जारी करने तथा वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने आंगनबाड़ी, स्कूल, पंचायत भवन और सामुदायिक भवनों के निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी भवनों में बच्चों का प्रवेश शीघ्र सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को बिना पूर्व सूचना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और जियो-टैगिंग के साथ फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत देवपुर के डमदादर में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर और सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रोत्साहित करने, शासकीय भवनों के आसपास फलदार एवं छायादार पौधरोपण करने तथा पौधों के संरक्षण के लिए नवाचार अपनाने पर भी जोर दिया गया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गांवों में पेयजल समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा नगर पालिका को नर्मदा घाटों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जल स्तर सुधार और भविष्य की जल समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएं।
