Political News : MP कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल ! SC विभाग के 72 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति, 3 महीने में होगी कड़ी समीक्षा, देखें पूरी लिस्ट…

Rathore Ramshay Mardan
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ग्रामीण-शहरी स्तर पर अलग-अलग जिम्मेदारी, संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति

नई दिल्ली/ भोपाल। All India Congress Committee के अनुसूचित जाति (SC) विभाग ने मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में व्यापक बदलाव करते हुए राज्य के 72 जिलों में जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) SC विभाग के अध्यक्षों की एडहॉक नियुक्ति की है। यह नियुक्तियां SC विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष Rajendra Pal Gautam द्वारा 2 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से की गई हैं।

 

जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी नियुक्तियां फिलहाल अस्थायी आधार (Ad-hoc) पर हैं और अगले तीन महीनों तक इनके कार्य, संगठनात्मक गतिविधियों, सक्रियता और जनसंपर्क क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही इन पदाधिकारियों की स्थायी नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 

यह पत्र मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Jitu Patwari को संबोधित करते हुए भेजा गया है, जिसमें उनसे नव-नियुक्त जिला अध्यक्षों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है, ताकि संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिल सके।

 

इस नियुक्ति सूची में प्रदेश के लगभग सभी जिलों को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि कई बड़े जिलों में संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण (ग्रामीण) और शहरी (सिटी) इकाइयों के लिए अलग-अलग जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। उज्जैन, रतलाम, देवास, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल, रीवा, सतना, सागर, छतरपुर, भिंड, मुरैना सहित अनेक जिलों में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।

 

महत्वपूर्ण जिलों की बात करें तो डिंडौरी से राधेलाल नागवंशी, उमरिया से प्रखर दास प्रभाकर, शहडोल से माधव प्रजापति, अनूपपुर से रामसेवक चौधरी, मंडला से रामविलास झरिया, रीवा ग्रामीण से खेमराज साकेत, रीवा सिटी से कुंदन साकेत, सतना सिटी से सुनील चौधरी, सागर से अशोक कुमार परिहार और भोपाल सिटी से नीरज चंदाले को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।

 

इसी तरह इंदौर, धार, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सीधी, सिंगरौली, दमोह, टीकमगढ़, ग्वालियर और अन्य जिलों में भी नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूची में शामिल सभी नामों के साथ उनके संपर्क विवरण भी जारी किए गए हैं, जिससे संगठनात्मक समन्वय में सुविधा हो सके।

 

कांग्रेस पार्टी के इस निर्णय को आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी अनुसूचित जाति वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठा रही है। पिछले कुछ समय से संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कवायद तेज हुई है, जिसके तहत लगातार नियुक्तियां और फेरबदल किए जा रहे हैं।

 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एडहॉक नियुक्ति और 3 महीने की समीक्षा प्रणाली के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जवाबदेही और सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि प्रदर्शन के आधार पर ही भविष्य में जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। अब देखना यह होगा कि नव-नियुक्त जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को कितना मजबूत कर पाते हैं और पार्टी की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। देखें पूरी लिस्ट…

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