— गबन पर कड़ा प्रहार: 60 सरपंचों पर वसूली आदेश, संपत्ति नीलामी और 6 साल बैन तय
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के जिला पंचायत उमरिया में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने जनपद पंचायत मानपुर, पाली और करकेली के अंतर्गत आने वाले 60 सरपंचों के विरुद्ध वसूली के आदेश पारित किए हैं। इन सरपंचों पर शासन की विभिन्न योजनाओं की राशि गबन करने के आरोप हैं।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 एवं 92 के तहत कुल 59 प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है। संबंधित सरपंचों को निर्देश दिए गए थे कि वे वसूली योग्य राशि जिला पंचायत उमरिया के एकल खाते (पंजाब नेशनल बैंक शाखा उमरिया) में जमा करें, लेकिन अब तक कई सरपंचों द्वारा राशि जमा नहीं की गई है।
प्रकरण में शामिल अन्य पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों के वेतन से वसूली की प्रक्रिया नियमित रूप से जारी है, जबकि सरपंचों को अब अंतिम अवसर दिया गया है। सीईओ अभय सिंह ने बताया कि सभी संबंधित सरपंचों को 15 दिवस का अतिरिक्त समय दिया गया है। यदि इस अवधि में राशि शासकीय कोष में जमा नहीं की जाती है, तो उनकी चल-अचल संपत्ति को सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से जब्त कर वसूली की जाएगी।
इतना ही नहीं, नियमों के तहत संबंधित सरपंचों को आगामी 6 वर्षों के लिए किसी भी पंचायत चुनाव में भाग लेने से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। साथ ही, आवश्यक होने पर सिविल जेल की कार्रवाई भी की जाएगी। इस सख्त कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है और पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है।
सोर्स – जनसम्पर्क विभाग उमरिया
