डिंडौरी। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत जिले में चल रहे सभी प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है। कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि सभी कार्यों को 30 जून 2026 तक पूर्ण कर नरेगा पोर्टल पर पूर्णता प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने बताया कि निर्देशों के तहत जिले में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो ग्राम सभा अनुमोदन एवं जनपद स्तरीय निरीक्षण के आधार पर कार्यों को क्लोज करने हेतु सूची तैयार करेगी। समिति के सदस्य प्रस्तावित कार्यों में से 10 प्रतिशत या अधिकतम 25 कार्यों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान जियो-टैग फोटो लेना और उसे पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। निर्देशानुसार, किसी भी कार्य को बंद करने से पहले 100 प्रतिशत स्थल निरीक्षण, ग्राम सभा अनुमोदन, पंचनामा एवं जियो-टैग छायाचित्रों सहित पूरा दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करना होगा। सभी प्रस्तावों को एमआईएस के माध्यम से अपलोड कर राज्य स्तर से स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व वर्षों के लंबित बिल, मस्टर रोल एवं अपूर्ण ट्रांजेक्शन, जिनका भुगतान नहीं किया जाना है, उन्हें “Not to be paid” श्रेणी में डालकर हटाया जाएगा। साथ ही लंबित एफटीओ और रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन को भी नियमानुसार निरस्त किया जाएगा। अव्यवहार्य या अनुपयोगी कार्यों पर हुए व्यय की जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों या एजेंसियों से वसूली की जाएगी तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी एवं परियोजना अधिकारी मनरेगा प्रदीप कुमार शुक्ल ने बताया कि कार्यों को व्यय के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटकर उनकी व्यवहार्यता के अनुसार पूर्ण या क्लोज किया जाएगा। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें।
